
6 सागर, 15 अक्टूबर 2026।छह वर्षीय प्रकृति तिवारी ने लगातार 400 दिनों तक प्रतिदिन योगाभ्यास करने का संकल्प सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। 11 सितंबर 2025 से शुरू हुई यह योग यात्रा 15 अक्टूबर 2026 को 400 दिन पूरे कर चुकी है। वर्तमान में 6 वर्ष 10 माह की प्रकृति प्रतिदिन न्यूनतम 12 सेट सूर्य नमस्कार अर्थात कुल 144 आसनों का अभ्यास कर रही है। उसका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 45 सेट सूर्य नमस्कार अर्थात 540 आसन लगातार, बिना रुके करने का है।स्वच्छ भारत अभियान सागर के नगर निगम ब्रांड एंबेसडर, समाजसेवी एवं प्रकृतिसेवक महेश तिवारी की बेटी प्रकृति की यह उपलब्धि निरंतरता, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। महेश तिवारी ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर की कृपा और सभी शुभचिंतकों के आशीर्वाद से प्रकृति की योग यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी।400 दिन, एक भी दिन सूर्य नमस्कार से नहीं रहा खालीपिछले 400 दिनों में ऐसा एक भी दिन नहीं बीता, जब प्रकृति ने न्यूनतम 12 सेट सूर्य नमस्कार का अभ्यास न किया हो। सूर्य नमस्कार के साथ वह भुजंगासन, चक्रासन, राजकपोतासन, उष्ट्रासन, हनुमान दंड सहित विभिन्न योगासनों का भी अभ्यास करती है।प्रकृति पिछले लगभग ढाई से तीन वर्षों से योगाभ्यास से जुड़ी हुई है। शुरुआत में उसका अभ्यास कभी-कभी ही हो पाता था, लेकिन 11 सितंबर 2025 से उसने इसे नियमित दिनचर्या का हिस्सा बना लिया। शुरुआती दिनों में सामान्य वीडियो, इंस्टाग्राम लाइव और दीवार अथवा डायरी पर प्रतिदिन तारीख पर निशान लगाकर अपनी निरंतरता दर्ज करने से शुरू हुआ यह सफर अब पिछले 150 दिनों से लगातार फेसबुक लाइव के माध्यम से जारी है।इस प्रकार उसकी योग यात्रा केवल व्यक्तिगत अभ्यास तक सीमित नहीं रही, बल्कि वीडियो, लाइव और रिकॉर्डिंग के माध्यम से नियमित रूप से दर्ज भी की जाती रही है।प्रकृति से प्रेरित होकर दूसरे बच्चे भी करने लगे सूर्य नमस्कारप्रकृति को पिछले 400 दिनों से नियमित योग करते देखकर सोशल मीडिया पर उससे जुड़े कई लोग भी प्रेरित हुए हैं। अब फेसबुक लाइव के माध्यम से प्रकृति को नियमित योग करते देखने वाले लोगों के बच्चे भी अपने घरों पर सूर्य नमस्कार करने लगे हैं। वे अपने बच्चों के योगाभ्यास के फोटो और वीडियो प्रकृति के पिता महेश तिवारी के मोबाइल नंबर पर भेजकर अपना उत्साह भी साझा करते हैं।वहीं प्रकृति की छोटी बहन नियति तिवारी और पड़ोस में रहने वाली सहेली आशवी रूसिया भी नियमित रूप से सूर्य नमस्कार कर रही हैं। इस तरह प्रकृति की निरंतरता बच्चों को योग से जोड़ने और घर-घर में योग के प्रति रुचि बढ़ाने का माध्यम बन रही है।योग के साथ स्वस्थ जीवनशैली और अनुशासनयोग के साथ प्रकृति ने स्वस्थ जीवनशैली को भी अपनाया है। परिवार के अनुसार, वह शुरुआत से ही जंक फूड का सेवन नहीं करती है। इस दौरान उसकी स्कूल में 100 प्रतिशत उपस्थिति भी रही है। परिवार का मानना है कि बच्चों के जीवन में योग, अनुशासन और अच्छी आदतों का समावेश उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।प्रकृति की योग यात्रा की विभिन्न मीडिया संस्थानों के साथ-साथ जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा भी सराहना की गई है। उसके 200 एवं 300 दिन पूरे होने पर समाचारों में स्थान मिलने से बच्ची और परिवार का उत्साह बढ़ा।योग दिवस पर विभिन्न स्थानों पर दिया योग का संदेशअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रकृति ने विभिन्न स्थानों पर लोगों के बीच योगाभ्यास कराकर नियमित योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इसी क्रम में श्री रावतपुरा सरकार फार्मेसी एवं बीएड कॉलेज में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में उसने 95 वर्षीय योग विशेषज्ञ श्री विष्णु आर्य के साथ मंच साझा किया तथा उपस्थित लोगों के बीच योगाभ्यास कराया।रिकॉर्ड नहीं, स्वास्थ्य और निरंतरता है मुख्य उद्देश्यमहेश तिवारी का कहना है कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य कोई रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि बच्चों और समाज में स्वास्थ्य, अनुशासन तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना है।उनका मानना है कि योग एक ऐसा माध्यम है, जिसे बिना किसी भारी उपकरण, विशेष संसाधन या अतिरिक्त खर्च के अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। बच्चों को हमेशा किसी से आगे निकलने की दौड़ में शामिल होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें अपने कल से थोड़ा बेहतर बनने का प्रयास करना चाहिए।प्रकृति की यह यात्रा इसी संदेश को आगे बढ़ाती है कि निरंतरता और अनुशासन के साथ किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी समय के साथ बड़ी उपलब्धि बन सकते हैं।भविष्य में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का लक्ष्यइस पूरी योग यात्रा में पिता महेश तिवारी एवं माता साक्षी तिवारी का निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन रहा है। 400 दिनों की यात्रा पूरी करने के बाद प्रकृति का लक्ष्य योग के क्षेत्र में नियमित अभ्यास जारी रखते हुए भविष्य में राज्य स्तरीय, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नए अभिलेख स्थापित करना और योग के माध्यम से सागर का नाम आगे बढ़ाना है। साथ ही, भविष्य में प्रकृति अपने दादा स्वर्गीय के.बी. तिवारी के नाम से योग एवं फिटनेस केंद्र भी संचालित करेगी, जहां लोगों को योग, व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जाएगा।महेश तिवारी एवं परिवार ने इस यात्रा में सहयोग, स्नेह और उत्साहवर्धन करने वाले सभी शुभचिंतकों, प्रबुद्ध चिंतकों एवं मीडिया साथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।परिवार का कहना है कि 400 दिन किसी अंतिम पड़ाव का नाम नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। आशा है कि प्रकृति के इस प्रयास से अधिक से अधिक बच्चे और अभिभावक योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
