
SIR के तहत मतदाता सूची में बदलावों पर उठेंगे सवाल, पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए देशव्यापी अभियान चलाएगी कांग्रेस
भोपाल, 23 अक्टूबर 2026। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा मतदाता सूची की शुद्धता, प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए “वोट बचाओ, देश बचाओ” अभियान को देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली आयोजित की जाएगी। कांग्रेस महासचिव श्री जयराम रमेश द्वारा घोषित अभियान के तहत पार्टी संगठन को प्रदेश, जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक सक्रिय कर मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाएगी।
कांग्रेस का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में हुए व्यापक बदलावों की पारदर्शी जांच आवश्यक है। पार्टी का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम प्रक्रियागत त्रुटियों के कारण मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। इसके लिए घर-घर संपर्क, मतदाता सूची की जांच, शिकायतों का संकलन और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष मामलों को उठाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है।
मध्य प्रदेश में SIR के आंकड़े, मतदाता सूची में बड़े बदलाव
मध्य प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची से संबंधित प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, SIR से पहले प्रदेश में 5,74,06,143 मतदाता पंजीकृत थे। प्रारूप मतदाता सूची में यह संख्या 5,31,31,983 रही, जबकि अंतिम मतदाता सूची में 5,39,81,065 मतदाता दर्ज किए गए। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुल 34,25,078 नाम हटाए जाने की जानकारी सामने आई। वहीं, प्रारूप सूची से अंतिम सूची तक 8,49,082 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई।
अंतिम मतदाता सूची में 2,79,04,975 पुरुष, 2,60,75,186 महिला और 904 तृतीय लिंग के मतदाता दर्ज किए गए। नाम हटाने के कारणों में अनुपस्थित मतदाता, मृत्यु, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता और दोहरी प्रविष्टियां जैसी श्रेणियां शामिल थीं। कांग्रेस का कहना है कि इन आंकड़ों के आधार पर पात्र मतदाताओं से संबंधित शिकायतों की जांच, उनके निराकरण और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर चलेगा अभियान
प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कांग्रेस अध्यक्षों, जिला प्रभारियों, ब्लॉक अध्यक्षों और बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के बीच समन्वय स्थापित कर अभियान को प्रभावी बनाने की योजना है। 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक गांवों में चौपालों, घर-घर संपर्क और संगठनात्मक बैठकों के माध्यम से मतदाता सूची की जांच की जाएगी। मतदाताओं की शिकायतें संकलित कर उनका सत्यापन किया जाएगा और पात्र नागरिकों को नाम जुड़वाने तथा प्रविष्टियों में सुधार कराने की निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को “वोट रक्षक” के रूप में सक्रिय कर बूथ स्तर पर मतदाता सूची से संबंधित मामलों का रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। पार्टी जिला स्तर पर सत्यापित प्रकरणों का संकलन कर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने की दिशा में भी काम करेगी।
1 नवंबर को दिल्ली में महारैली
कांग्रेस द्वारा 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में “वोट बचाओ, देश बचाओ” महारैली आयोजित की जाएगी। इस रैली के माध्यम से पार्टी SIR, मतदाता सूची में पारदर्शिता, पात्र नागरिकों के मताधिकार और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही से जुड़े सवाल राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी। मध्य प्रदेश कांग्रेस भी इस अभियान के तहत संगठनात्मक समन्वय और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी करेगी।
25 और 26 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम
अभियान के अगले चरण में 25–26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम प्रस्तावित है।, मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को 25 नवंबर को ग्वालियर में एकत्रित करने और 26 नवंबर को दिल्ली के लिए रवाना करने की तैयारी है। कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा, यात्रा व्यवस्था और प्रतिभागियों की जिम्मेदारियां पार्टी के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार तय की जाएंगी।
कांग्रेस की मांग—मतदाता सूची में पारदर्शिता और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण
कांग्रेस की मांग है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी हो, पात्र नागरिकों को अपना नाम जांचने और आवश्यक सुधार कराने का पर्याप्त अवसर मिले तथा सभी शिकायतों का समयबद्ध निराकरण किया जाए। पार्टी का कहना है कि मताधिकार लोकतंत्र का मूल आधार है और किसी भी पात्र नागरिक को इस अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में संभावित त्रुटियों से संबंधित प्रत्येक शिकायत की जांच तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर होनी चाहिए। पार्टी इस मुद्दे को संगठनात्मक अभियान, जनजागरूकता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से उठाती रहेगी, ताकि मतदाता सूची की विश्वसनीयता और नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
