
: नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इन दिनों विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक घमासान चरम पर है। इस मुद्दे पर कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस पूरी प्रक्रिया को चुनौती देते हुए इसे वापस लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की है। इसी सियासी गरमागरमी के बीच, कांग्रेस नेता सलमान अनीस सोज ने चुनाव आयोग पर तीखा तंज कसा है और दिल्ली व पश्चिम बंगाल में काम की रफ्तार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।चुनाव आयोग को बताया ‘सिलेक्शन कमीशन’कांग्रेस नेता सलमान अनीस सोज ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उसे ‘सिलेक्शन कमीशन’ करार दिया। सोज ने दिल्ली और पश्चिम बंगाल के आंकड़ों की तुलना करते हुए कहा कि जहां दिल्ली में चुनाव आयोग “सुपरफास्ट” तरीके से काम कर रहा है, वहीं बंगाल में स्थिति बेहद सुस्त है।क्या हैं आंकड़े और सोज का दावा?• दिल्ली में त्वरित कार्रवाई: चुनाव आयोग के दावों के मुताबिक, दिल्ली में SIR के तहत 33 लाख लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 20 लाख से अधिक मामलों का निपटारा रिकॉर्ड समय में (कुछ ही दिनों के भीतर) कर दिया गया।• बंगाल में भारी पेंडेंसी: सलमान अनीस सोज ने तंज कसते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में फिलहाल 37 लाख लोगों की अपीलें लंबित पड़ी हैं।• 12 साल लगने का अनुमान: सोज ने कलकत्ता हाई कोर्ट की एक हालिया टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि अगर अपीलेट ट्रिब्यूनल इसी कछुआ गति से काम करता रहा, तो बंगाल के सभी लंबित मामलों को सुलझाने में 12 साल का लंबा वक्त लग जाएगा।कांग्रेस नेता ने सवाल दागा कि आखिर जो तत्परता और सुपरफास्ट प्रक्रिया दिल्ली में दिखाई गई, वैसी बंगाल चुनाव से पहले वहां क्यों नहीं शुरू की गई?दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की सफाईविवाद और शिकायतों के बीच दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं की सहूलियत के लिए एक सक्रिय अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 33 लाख में से करीब 20 लाख मामलों को सुलझा लिया गया है।अधिकारियों के अनुसार, मतदाताओं की मदद के लिए जमीन पर एक बड़ी टीम तैनात है। अगर किसी नागरिक को परेशानी है, तो वह सीधे निम्नलिखित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है:• 14,947 बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO)• 902 असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (AERO)• 70 इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ERO)• 13 डिस्ट्रिक्ट इलेक्टोरल ऑफिसर्स (DEO) या स्वयं सीईओ (CEO) से।लगाए जा रहे हैं विशेष शिविर:निर्वाचन कार्यालय ने बताया कि मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जहां बीएलओ (BLO) मतदाताओं की ऑन-स्पॉट सहायता कर रहे हैं। इसी कड़ी में आगामी 18 और 25 अक्टूबर को भी विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
