
:सागर/संवाददाता।मध्य प्रदेश सरकार ने आज जेल सुधारों को लेकर एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसका सीधा असर हमारे सागर शहर पर पड़ने वाला है। प्रदेश के गृह विभाग ने सागर और रीवा की बड़ी केंद्रीय जेलों (सेंट्रल जेल) समेत राज्य की 7 जिला जेलों और 3 उप-जेलों को शहर के बीचों-बीच से हटाकर पूरी तरह से शहर की बाहरी सीमाओं पर शिफ्ट करने की बड़ी मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत सागर की ऐतिहासिक जेल को भी शहर के घने रिहायशी इलाके से बाहर ले जाया जाएगा।शहरों के बीच खाली होगी 106 एकड़ की कीमती जमीन; निजी डेवलपर्स को सौंपने की तैयारीअरे भैया, जो जेलें सालों पहले शहरों के किनारे बनी थीं, वे अब शहर के विस्तार के कारण कतई आबादी के बीचों-बीच आ गई हैं।
इससे सुरक्षा का भारी खतरा तो बना ही रहता है, साथ ही कैदियों की निगरानी में भी पुलिस को लोहे के चने चबाने पड़ते हैं। सरकार के इस नए मास्टर प्लान के तहत जब ये 12 जेलें शहर से बाहर चली जाएंगी, तो शहरों के मुख्य इलाकों में बकायदा 106 एकड़ की बेशकीमती सरकारी जमीन खाली हो जाएगी। अकेले सागर सेंट्रल जेल के पास एक बहुत बड़ा भूभाग है, जो अब खाली होगा। इस कीमती जमीन को लेकर सरकार की योजना इसे प्राइवेट (निजी) डेवलपर्स को सौंपने की है, जहां बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, पार्किंग जोन या आधुनिक आवासीय कॉलोनियां बनाई जा सकती हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और नई जेलों का ब्लूप्रिंटप्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, सागर की नई केंद्रीय जेल को शहर के बाहरी इलाके में सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक सुरक्षा मानकों (जैसे हाई-टेक सीसीटीवी और 4G/5G जैमर्स) के साथ नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इससे न सिर्फ शहर के अंदर का ट्रैफिक और वीआईपी मूवमेंट का दबाव कम होगा, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी कतई चाक-चौबंद हो जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने साफ निर्देश दिए हैं कि नई जेलों के निर्माण के लिए जमीन का चयन जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि आने वाले महीनों में निर्माण कार्य को गति दी जा सके।
