
दो वर्ष से अधिक समय से लापता बालिका को तलाश कर परिजनों से मिलाया, दूसरे प्रकरण में गुजरात के बड़ौदरा से नाबालिग को दस्तयाब कर दुष्कर्म के आरोपी को त्वरित कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार किया।
सागर पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित अपराधों में संवेदनशीलता, गंभीरता एवं तत्परता के साथ कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में थाना केसली पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरणों में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। एक प्रकरण में वर्ष 2024 से लापता नाबालिग बालिका को दो वर्ष से अधिक समय बाद तलाश कर परिजनों के सुपुर्द किया गया, वहीं दूसरे प्रकरण में गुजरात के बड़ौदा से नाबालिग बालिका को दस्तयाब कर प्रकरण में सामने आए गंभीर आरोपों के आधार पर आरोपी को मात्र दो घंटे के भीतर गिरफ्तार किया गया।दोनों कार्यवाहियां सागर पुलिस की सतत निगरानी, तकनीकी सहयोग, त्वरित विवेचना एवं अपराधों के प्रति गंभीरता को दर्शाती हैं।*1. दो वर्ष से अधिक समय से लापता नाबालिग बालिका को तलाश कर परिजनों के सुपुर्द किया*दिनांक 09 मई 2024 को थाना केसली में एक महिला द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट पर थाना केसली में अपराध क्रमांक 164/24, धारा 363 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।बालिका की सुरक्षा एवं सकुशल तलाश को प्राथमिकता देते हुए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे। लंबे समय तक तलाश जारी रखने, उपलब्ध जानकारियों का विश्लेषण करने तथा साइबर सेल की सहायता से किए गए समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने दो वर्ष से अधिक समय से लापता बालिका को दस्तयाब कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया।लंबे समय से अपनी पुत्री की तलाश कर रहे परिवार के लिए यह महत्वपूर्ण राहत का अवसर रहा। यह सफलता पुलिस के धैर्य, निरंतर प्रयास एवं संवेदनशील कार्यशैली को प्रदर्शित करती है।*2. गुजरात के बड़ौदरा से नाबालिग बालिका दस्तयाब, आरोपी दो घंटे के भीतर गिरफ्तार*दिनांक 21 अप्रैल 2026 को थाना केसली में एक फरियादी द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट के आधार पर थाना केसली में अपराध क्रमांक 65/26, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।विवेचना के दौरान अपहृता के गुजरात के बड़ौदरा में होने की जानकारी प्राप्त हुई। थाना केसली पुलिस द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए नाबालिग बालिका को बड़ौदा, गुजरात से दस्तयाब किया गया तथा माननीय न्यायालय में उसके कथन लेखबद्ध कराए गए।कथनों के आधार पर ग्राम घाना निवासी आरोपी दिनेश यादव के विरुद्ध बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने एवं उसके साथ गलत कृत्य करने के आरोप सामने आए। इसके बाद प्रकरण में धारा 87, 64(2)(एम), 64(1) भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 5/6 पॉक्सो अधिनियम का इजाफा किया गया।प्रकरण में गंभीर आरोप सामने आने के बाद थाना केसली पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को मात्र दो घंटे के भीतर गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है इस प्रकरण में पुलिस की त्वरित कार्यवाही से स्पष्ट है कि नाबालिगों से संबंधित अपराधों में प्राप्त तथ्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।*वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में दोनों कार्यवाहियां*पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में जिले में गुमशुदा बालिकाओं की तलाश तथा महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही के लिए पुलिस को निरंतर निर्देशित किया जा रहा है।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेन्द्र सोलंकी के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) देवरी श्री अरुण उइके के पर्यवेक्षण में थाना केसली पुलिस द्वारा दोनों प्रकरणों में गंभीरता से कार्यवाही की गई।थाना प्रभारी केसली निरीक्षक श्री धर्मराज सिंह बघेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने निरंतर प्रयास, उपलब्ध सूचनाओं के विश्लेषण, तकनीकी सहायता एवं त्वरित विवेचना के माध्यम से दोनों प्रकरणों में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की।*पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका*दोनों प्रकरणों में थाना केसली पुलिस की सक्रियता, समन्वय एवं कर्तव्यनिष्ठा महत्वपूर्ण रही। लंबे समय से लापता बालिका की तलाश से लेकर दूसरे प्रकरण में गुजरात से नाबालिग को दस्तयाब करने एवं आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी तक पुलिस टीम ने तत्परता से कार्य किया।*सागर पुलिस की प्रतिबद्धता*सागर पुलिस महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। गुमशुदा बालिकाओं की तलाश, गंभीर अपराधों की निष्पक्ष विवेचना तथा आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही के लिए पुलिस निरंतर प्रयासरत है।दो अलग-अलग प्रकरणों में थाना केसली पुलिस की यह सफलता सागर पुलिस की संवेदनशीलता, सतत प्रयास, तकनीकी दक्षता एवं त्वरित कार्यवाही का उदाहरण है।सागर पुलिस आमजन को आश्वस्त करती है कि महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे तथा अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
