
सागर। सनातन हिन्दू एकता रथयात्रा गढा से चलकर पन्ना, हटा दमोह, गढ़ाकोटा होते हुये रहली, ढाना बम्होरी होते हुये सागर आरटीओ तिलि चौराहे से होते हुये श्री बालाजी परिसर में पहुची बाबा ने आते ही भक्तो के लंबे इंतजार और भक्तो की आस्था को देखते हुये सुबह 4 बजे दिव्य दरबार लगाया जिसमे लगभग 8 भक्तो की अर्जी स्वीकार की गई। सबसे पहले धर्मेन्द्र नाम के व्यक्ति की अर्जी लगी दूसरी अर्जी संतोष नाम के व्यक्ति पूजा कुमारी अरविन्द्र सागर के भक्तो का उल्लास एवं भक्ति भाव को देखते हुये बाबा जी ने कहा कि सागर के इतिहास में एक नई रात लिखी गई क्योकि यात्राये तो कई हुई लेकिन यह 5 दिवसीय यात्रा जब से प्रारंभ हुई है लगातार चलती जा रही है और सागर के पागल भक्तो का जुनून को देखते हुये लगता है कि यह यात्रा 15 दिनो की यात्रा होनी थी। ऐसी श्रद्धा भक्ति सागर वासियो में देखने को मिलती है बाबा जी ने कहा कि यह यात्रा जितनी मुण्डी उतनी कुण्डी यज्ञ के समान है ।बाबा जी सागर के भक्तो की भक्ति को देखकर चकित हो गये कि सागर बालो ने इतना प्रेम दिया । कहा कि प्रेम पाना सरल है लेकिन पचा पाना कठिन होता है ।इस सनातन हिन्दू एकता रथयात्रा का उदेश्य राजनीतिक यात्रा नहीराम नैतिक रथयात्रा हैबाबा जी ने सागर के भक्तो से कहा कि आपने हम से मिलने के लिये जितना इतंजार किया है हमने भी आप सभी भक्तो से मिलने के लिये धक्के खाये है।बाबा जी ने कहा कि भक्तो आज नही जागे तो फिर कभी नही सो पायेगे। आज हर घर में अज्ञानता का सांप छिपा बैठा जिसको जानकारी नही है बह सोया हुआ है और जिस को जानकारी है वह जागा हुआ है। आज अगर सनातन का घाटा होगा तो देश का भी बहुत बडा घाटा होगा हम सभी हिन्दूओ को एक होना होगा तभी सनातन संस्कृति की रक्षा सुरक्षा हो सकेगी।बाबा जी ने इस सनातन हिन्दू एकता रथयात्रा के चार मूल मंत्र दिये पहला मूल मंत्र – जात पात की करो विदाई हम सब हिन्दू भाई भाई दूसरा मूल मंत्र गौ माता को बचाना है सभी को गौर रक्षक बनना है। तीसरा मूल मंत्र- लव जिहाद मुक्त सागर बनाना है।चौथा मूल मंत्रशराब मुक्त सागरसुबह दरवार के बाद पं. श्री धीरेन्द्र कृष्ण शात्री बाबा बागेश्वर सरकार जी द्वारा श्री बालाजी महाराज को प्रणाम कर सनातन हिन्दू एकता रथयात्रा पुनः सागर से टीकमगढ की ओर प्रारंभ की एंव सागर में कार्यक्रम का समापन क्षेत्रीय सासद श्रीमति डॉ. लता बानखेडे जी द्वारा ध्वजा बंदन एवं राष्ट्रगान सुन्दरलाल श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल रजाखेडी मकरोनिया सागर की छात्राओ द्वारा किया गया। सभी अगक्तको सभी संतो एवं सभी सहयोगियो का आभार गुरू जी के कृपा पात्र शिष्य डॉ. रजनीश विश्वकर्मा और डॉ. अजय श्रीवास्तव ने माना एवं समस्त पत्रकार बन्धुओ का बहुत बहुत आभार ।इस सनातन हिन्दू एकता रथयात्रा को सागर में सफल बनाने में सागर शिष्य मंडल के भक्त डॉ. रजनीश विश्वकर्मा, डॉ. अनिल तिवारी, डॉ. तरूण बडोनिया, विवेक तिवारी, अंकू चौरसिया अभय दरे, अनिल श्रीवास्तव पीपरा, हरिओम भटट श्री लक्ष्मण श्री प्रताप सिंह संजू दाऊ, सचिन घोषी एंव मीडिया प्रभारी डॉ. अजय श्रीवास्तव ने रथयात्रा को सफल बनाने में सहयोग दिया ।
