
इजराइल और अमेरिका के ईरान पर हमले और उसके बाद ईरानी पलटवार से मिडिल ईस्ट में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं. दोनों ओर से लगातार हमले जा रही हैं. ईरान इजराइल के साथ ही मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस बीच भारत ने हालात पर चिंता जताई है. साथ ही अपने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है. आइए जानते हैं कि विदेश मंत्रालय ने क्या-क्या कहा है.विदेश मंत्रालय ने कहा,ईरान और गल्फ में हाल के घटनाक्रम से भारत बहुत चिंतित है. हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं. तनाव कम करने और अंदरूनी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाया जाना चाहिए.सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिएभारत ने आगे कहा, सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए. इस क्षेत्र में हम अपने नागरिकों के संपर्क में हैं. साथ ही अपने नागरिकों से सतर्क रहने, मिशन के संपर्क में रहने और स्थानीय सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करने के लिए सही सलाह जारी की है.दोनों ओर से लगातार हमले हो रहेबता दें कि ईरान और इजराइल-अमेरिका की ओर से लगातार हमले हो रहे हैं. इस बीचइजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान पर किए हमलों से ईरानियों को अपना भाग्य अपने हाथों में लेने का मौका मिलेगा.ईरान की क्रूर सरकार 47 साल से इजराइल और अमेरिका की मौत की कामना करती रही है.उन्होंने कहा, अयातुल्ला सरकार ने अपने नागरिकों को कुचला. क्षेत्र के लोगों में भय पैदा किया. इसने दुनिया में आतंक का विशाल जाल फैलाया. इसने परमाणु बम और हजारों मिसाइलों को विकसित करने के लिए संसाधन लगाए. इनका मकसद इजराइल को दुनिया के नक्शे से मिटा देने का है.
