
** सागर | डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) एवं अनुसंधान एवं विकास विभाग (डीओआरडी) के सहयोग से 5 से 9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित पाँच दिवसीय “जैव प्रौद्योगिकी में प्रायोगिक कौशल की मूलभूत जानकारी” विषयक कार्यशाला में शिवम वर्मा और प्रज्ज्वल मिश्रा ने पोस्टर प्रस्तुतीकरण में द्वितीय स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया।दोनों प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उपलब्धि प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रयोगात्मक कौशल, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा अनुसंधान से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक गतिविधियों में भाग लेने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा शोध संबंधी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिला।इस उपलब्धि पर फार्मास्युटिकल साइंसेज़ विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश के. पाटिल एवं शोध निर्देशक डॉ. सुशील काशव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दोनों विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक एवं शोधपरक गतिविधियाँ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।दोनों विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और वैज्ञानिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का परिणाम है। इस सफलता से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भविष्य में भी शोध एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी। विश्वविद्यालय परिवार ने दोनों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
