
:’नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहा युवाओं और छात्रों का बड़ा आंदोलन अब एक नए मोड़ पर आ गया है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने फिलहाल इस प्रदर्शन पर अस्थायी रूप से रोक (ब्रेक) लगाने का फैसला किया है। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने एक भावुक संदेश जारी कर अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अभी अपने-अपने घर लौट जाएं और आने वाले त्योहारों पर अपने परिवार के साथ वक्त बिताएं।सौरव और आशुतोष की गिरफ्तारी पर भावुक हुए अभिजीतअभिजीत दीपके जब अपनी बात रख रहे थे, तो आंदोलन के दो मुख्य साथियों—सौरव दास और आशुतोष रांका का जिक्र करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि ये दोनों युवा लाखों रुपये की कॉर्पोरेट नौकरियां छोड़कर देश के युवाओं के हक की लड़ाई लड़ने सड़क पर उतरे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया। आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने इन दोनों नेताओं को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन करने और शांति बॉन्ड के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया है, जहां हाल ही में उनकी न्यायिक हिरासत को कोर्ट द्वारा 21 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।क्यों रणनीति बदलने पर मजबूर हुआ संगठन?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब दिल्ली प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध प्रदर्शन वाली जगहों की लिस्ट से बाहर कर दिया था। इसके बावजूद युवाओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी सुधारों की मांग को लेकर वहां तिरंगा मार्च निकालने की कोशिश की।पुलिस की कड़ी बैरिकेडिंग, प्रशासन के सख्त रुख और मुख्य चेहरों के जेल में होने की वजह से आंदोलन को जमीन पर आगे बढ़ाना मुश्किल हो रहा था। कानूनी पेचीदगियों और भारी दबाव के बीच आखिरकार संगठन को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी।’लड़ाई खत्म नहीं हुई, यह सिर्फ एक ब्रेक है’अभिजीत दीपके ने साफ किया है कि आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि यह सिर्फ कुछ समय का ठहराव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, “हमारे साथी जेल में हैं और प्रशासन का रवैया सबके सामने है। फिलहाल आप लोग दिवाली के त्योहार पर अपने माता-पिता और परिवार के पास लौटें।” संगठन का कहना है कि त्योहारों का सीजन बीतने के बाद वे नई रणनीति और पूरी ताकत के साथ अपने अगले कदम का ऐलान करेंगे।मुख्य घटनाक्रम: एक नज़र में
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मुख्य मांग चुनाव प्रक्रियाओं में सुधार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा।कार्यकर्ताओं को संदेश फिलहाल घर लौटकर दिवाली पर अपने परिवार के साथ समय बिताने को कहा गया है।क्
