
सागर / नवरात्र पर्व के नवमें दिन सोमवार को लाखा बंजारा झील किनारे चकराघाट पर गंगा आरती में श्रद्धा भक्ति का समागम रहा। शहर के विभिन्न वार्डों से जवारे विसर्जन करने आने वाले भक्त श्रद्धालु सहित गंगा आरती के नियमित श्रद्धालुओं ने आरती कर धर्मलाभ लिया। माता शीतला के पूजन और जवारे विसर्जन हेतु दूर दूर से लाखा बंजारा झील किनारे महिलाएं पुरुष और नागरिक आते हैं। गंगा आरती के आध्यात्मिक सांस्कृतिक आयोजन में सभी नागरिकों ने श्रद्धा के साथ शामिल होकर अपनी ऐतिहासिक झील सहित शहर की स्वच्छता और माँ गंगा की भक्ति के साथ सहभागिता की। यह आयोजन बड़ी संख्या में नागरिकों को झील और शहर की स्वच्छता सुंदरता के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गंगा आरती आज सागर में विभिन्न प्रकार के जागरूकता संदेश नागरिकों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनी है। प्रति सोमवार आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालु नागरिकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। पर्व त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं से भरे घाटों का नजारा और भी आकर्षित करने वाला होता है। दूर-दूर से झील किनारे पहुंचने वाले आगनतुक भी चकराघाट पर पहुंचकर इस अलौकिक आरती का आंनद लेते हुए धर्मलाभ प्राप्त करते हैं। श्रद्धालु नागरिकगण अपने परिजनों बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, पुरुष और युवा आदि सभी के साथ झील किनारे चकराघाट के पास विट्ठल मंदिर घाट पर गंगा आरती देखने आते और धर्मलाभ अर्जित करते हैं।
निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री द्वारा स्वच्छता जागरूकता हेतु यह नवाचार गंगा आरती का प्रति सोमवार होने वाला सांस्कृतिक आयोजन अब सेवा संकल्प अभियान 2026 और स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 जैसे जनकल्याणकारी अभियानों को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण बना है। यह आयोजन नागरिकों में धार्मिक आध्यात्मिक चेतना के साथ ही शहर की स्वच्छता सुंदरता के प्रति जागृति भी बढ़ा रहा है। यह आयोजन एकजुट प्रयास से प्रभावी बदलाव का संदेश दे कर सभी में जागरूकता ला रहा है।
*गंगा आरती में नागरिक बन सकते हैं मुख्य यजमान*
लाखा बंजारा झील पर आयोजित गंगा आरती में समय-समय पर शहर के सम्माननीय नागरिक मुख्य यजमान बनकर सहभागिता कर रहे हैं। प्रत्येक सोमवार जो भी श्रद्धालु यजमान बनना चाहते हैं, वे आरती से 30 मिनट पूर्व संपर्क कर सकते हैं।
