
दमोह। कहते हैं कि सच्ची सेवा वही है, जो बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंद के काम आए। इस बात को चरितार्थ कर दिखाया है दमोह जिले के बांदकपुर निवासी समाजसेवी राकेश सेन ने, जिन्होंने मानवता की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो समाज के लिए प्रेरणा बन गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करौंदी सिंगौरगढ़ निवासी दुर्गेश सिंह लोधी की बहन का जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन होना था। चिकित्सकों द्वारा तत्काल ए पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता बताई गई, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद परिजनों को रक्त उपलब्ध नहीं हो सका। समय बीतता जा रहा था और चिंता बढ़ती जा रही थी।
ऐसे संकट की घड़ी में परिजनों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और मदद की अपील की। यह संदेश जैसे ही राकेश सेन तक पहुंचा, उन्होंने बिना एक पल गंवाए सहायता करने का संकल्प लिया। उन्होंने न केवल मदद का निर्णय लिया, बल्कि तुरंत करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय कर जबलपुर पहुंच गए।
अस्पताल पहुंचकर राकेश सेन ने रक्तदान किया, जिससे समय पर ऑपरेशन संभव हो सका और एक बहन को नया जीवन मिला। उनका यह कदम सिर्फ एक व्यक्ति की मदद नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि अगर नीयत साफ हो तो दूरी और कठिनाइयां मायने नहीं रखतीं।
राकेश सेन का यह कार्य बताता है कि मानवता आज भी जीवित है और जरूरत है तो बस उसे जागृत करने की। उनका यह प्रयास युवाओं के लिए प्रेरणा है कि वे आगे आएं, समाज के लिए कुछ करें और जरूरतमंदों की मदद को अपना कर्तव्य समझें।
आज के दौर में जहां लोग अक्सर अपने स्वार्थ में उलझे रहते हैं, वहीं राकेश सेन जैसे लोग यह साबित करते हैं कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। उनका यह कार्य निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सशक्त संदेश देता है।
