
ग्वालियर/संवाददाता।शारदीय नवरात्रि के महाअष्टमी त्योहार की खुशियों के बीच मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कँपा देने वाली खबर सामने आई है। जिले के चीनोर इलाके में स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर के सामने आज (18 अक्टूबर) तड़के सुबह एक धान से लदा तेज रफ्तार ट्रक पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ पर पलट गया।
इस भीषण हादसे में अब तक 13 श्रद्धालुओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत 39 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।ढलान पर कतई अंधेरगर्दी मची थी भैया!अरे भैया, चश्मदीदों का साफ़ तौर पर कहना है कि सुबह-सुबह माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी हुई थी। अब आप ही बताओ, जब इतने बड़े त्योहार पे हज़ारों की भीड़ उमड़ रही हो, तो वहां बड़े वाहनों को कैसे आने दिया जा सकता है?
लेकिन वहां तो कतई अंधेरगर्दी मची थी! एक भारी ट्रक बेहद तेज रफ्तार में ढलान की तरफ से नीचे आया। ड्राइवर गाड़ी से संतुलन खो बैठा और ट्रक सीधे पुलिस के बैरिकेड्स को रौंदते हुए मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया।जैसे ही ट्रक पलटा, वहां चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ मातम पसर गया। जो लोग माता रानी के जयकारे लगा रहे थे, वे पल भर में मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोग और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तुरंत मोर्चा संभाला और घायलों को मलबे से बाहर निकालना शुरू किया।मुख्यमंत्री ने जताया दुख, घायलों का इलाज जारीग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) धर्मवीर सिंह ने बताया कि घायलों को बिना कोई देरी किए तुरंत पास के अस्पताल और जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है, जिनमें से कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ने इस पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में कोई भी कसर न छोड़ी जाए और पीड़ितों के परिवारों को हर संभव आर्थिक और सामाजिक मदद तुरंत पहुंचाई जाए। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है कि आखिर प्रतिबंधित रूट होने के बाद भी इतना बड़ा वाहन वहां कैसे दाखिल हुआ।
